62 गांव प्रभावित, 67 नावें और 18 मोटर बोट तैनात; 10 हजार परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित
फर्रुखाबाद। कानपुर मंडल के मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने सोमवार को फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर और खतरे का निशान 137.10 मीटर है। सिंचाई विभाग के अनुसार सोमवार को गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर, जबकि रामगंगा नदी का जलस्तर 134.00 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ से सदर तहसील के 12, कायमगंज के 20 और अमृतपुर के 30 गांव प्रभावित हैं। इस तरह जिले में कुल 62 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
जिले में मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। इनमें चार शरणालयों का उपयोग किया जा रहा है, जहां अब तक 630 लोग प्रवास कर चुके हैं। इन लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित हैं।
आवागमन तथा खोज एवं बचाव कार्य के लिए सदर तहसील में 19 नाव और छह मोटर बोट, कायमगंज में 20 नाव और पांच मोटर बोट तथा अमृतपुर में 28 नाव और सात मोटर बोट तैनात की गई हैं। जिले में कुल 67 नावें और 18 मोटर बोट राहत कार्य में लगी हैं। एनडीआरएफ की एक टीम और फ्लड पीएसी की एक कंपनी मोटर बोट व आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अतिरिक्त 53 स्वयंसेवी गोताखोर भी उपलब्ध हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक 196 मेडिकल कैंप लगाए गए, जिनमें 11,081 लोगों का उपचार किया गया। ग्रामीणों को 11,906 ओआरएस पैकेट और 13,629 क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई।
पशु चिकित्सा विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 63 पशु शिविर लगाए हैं। इनमें अब तक 3,974 पशुओं का उपचार और 7,517 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशुओं के लिए 139.98 कुंतल भूसा वितरित किया जा चुका है।
प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित 10 हजार परिवारों को खाद्यान्न पैकेट उपलब्ध कराए जा चुके हैं। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों के लिए 21 परिवारों को 25.20 लाख रुपये की सहायता वितरित की गई है। वहीं 25 प्रभावित परिवारों को 80 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन एवं पट्टा किया गया है।
मंडलायुक्त ने सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर के ग्राम बिलावलपुर के मजरा कटरी धर्मपुर पहुंचकर बाढ़ की स्थिति देखी। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर राहत सामग्री, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को सुरक्षित बाढ़ शरणालयों में रखा जाए और नियमित टीकाकरण कराया जाए। स्वास्थ्य इकाइयों पर 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश भी दिए।
मंडलायुक्त ने बाढ़ के पानी के कटाव से क्षतिग्रस्त पुलिया, सड़क और संपर्क मार्गों का चिन्हांकन कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा, ताकि मरम्मत के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के राहत कार्यों में सहयोग करने की अपील की।
इसके बाद मंडलायुक्त ने धारानगरी बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने तैनात कर्मचारियों से बाढ़ की स्थिति और निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली तथा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों को सूखी राहत सामग्री भी वितरित की गई।
उन्होंने रहमानिया कन्या इंटर कॉलेज में बनाए गए बाढ़ शरणालय का निरीक्षण कर वहां रह रहे लोगों से बातचीत की। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल, भोजन, प्रकाश, सफाई, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और आवश्यकता के अनुसार तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराएं।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


