33.3 C
Lucknow
Saturday, October 3, 2026

जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में एआरपी चयन में वसूली का संज्ञान, निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था के लिए जानी जाती है डीएम डॉ. अंकुर लाठर

Must read

निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था के लिए जानी जाती है डीएम डॉ. अंकुर लाठर

– 50 हजार से 1 लाख की अवैध वसूली पर उच्चाधिकारी दंग
– पारदर्शी व्यवस्था के जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश

फर्रुखाबाद।बेसिक शिक्षा विभाग में 15 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन यानी एआरपी के चयन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही ब्लॉक आवंटन को लेकर 50 हजार से 1 लाख की अवैध वसूली की चर्चाओं ने हंगामा मचा दिया। मनचाहा और मुख्यालय के नजदीक ब्लॉक दिलवाने के नाम पर न्योछावर मांगे जाने की चर्चाओं के बाद अब पारदर्शी व्यवस्था के साथ चयन के निर्देश दिये गये हैं। वहीं पूरे प्रकरण की गहनता से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह जांच करेंगे।

जनपद में 15 एआरपी पदों के लिए सितम्बर में चयन परीक्षा कराई गई थी, जिसके लिए 41 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने आवेदन किया था और परीक्षा बीती 22 सितम्बर को जीआईसी फतेहगढ़ में संपन्न होने के बाद एआरपी चयन की व्यवस्था लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर की जा रही है।

विभाग के ही सूत्रों के अनुसार लिखित परीक्षा के बाद अब साक्षात्कार और अंतिम चयन प्रक्रिया के बीच कुछ अभ्यर्थियों को मनचाहे ब्लॉक उपलब्ध आवंटित कराने के नाम पर एक पूर्व डीसी और पुराने बाबू द्वारा मोटी रकम की मांग की जा रही थी। जिस बात से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भी अनजान थे। हालांकि यह बात किसी के गले नहीं उतरी क्योंकि अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी होने से पूर्व ही संभावित चयनित अभ्यर्थियों और उनके पसंदीदा ब्लॉक को लेकर अंदरखाने चर्चाएं शुरू हो गईं। यह बात चौंकाने वाली निकली।

गहन सूत्रों के हवाले से कुछ शिक्षकों के नाम संभावित चयन को लेकर चर्चा में होने लगे। मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़े एक चर्चित पुराने बाबू और एक पूर्व डीसी की भूमिका को भी उच्चाधिकारियों ने गहनता से संज्ञान लिया है।

मामले में जिलाधिकारी स्तर से अभ्यर्थियों से गोपनीय पूछताछ भी संभावित है। यदि एक्शन मोड में जिले के जिम्मेदारों ने मामले में सख्ती दिखा ली तो जुड़े साक्ष्यों की स्वतंत्र जांच के बाद पूरे मामले की वास्तविकता सामने आने से कोई रोक नहीं सकता। कथित वसूली का केंद्र राजेपुर ब्लॉक के एक शिक्षक को बताया गया है, जिसके द्वारा साक्षात्कार लेने वालों से सेटिंग कराने की बात सामने आई है। उधर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह की भूमिका भी अब महत्वपूर्ण हो गई है। विभागीय स्तर पर जांच आगे बढ़ी तो चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के साथ पूरी होगी।

यहां बताना जरूरी है कि एआरपी का चयन शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जाना है। शासन स्तर पर भी एआरपी चयन के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की व्यवस्था निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की पारदर्शी व्यवस्था जनपद में किसी से छिपी नहीं है। उच्च स्तरीय संज्ञान के बाद चयन को पारदर्शी व्यवस्था के साथ पूरा किया जाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article