लखनऊ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे छात्रों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला पहले ही हो जाना चाहिए था।
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को काफी पहले पद से हटा दिया जाना चाहिए था। उनका कहना था कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो छात्रों में इतना आक्रोश नहीं होता।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब आवश्यकता केवल मंत्री बदलने की नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की है, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र का भविष्य लापरवाही या अनियमितताओं की भेंट न चढ़े।
मौलाना कल्बे जवाद ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई हो और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि देश का युवा ईमानदार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था का हकदार है तथा सरकार को शिक्षा प्रणाली में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।


