– आम जनमानस से सीधा जुड़ाव और सोशल मीडिया पर सक्रियता ने बधाई लोकप्रियता
लखनऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की राजनीतिक सक्रियता और आम लोगों से सीधे संवाद की शैली इन दिनों चर्चा में है। युवाओं के बीच उनका सहज अंदाज और सामाजिक माध्यमों पर लगातार सक्रियता उन्हें राजनीतिक संवाद के लिहाज से सुर्खियों में बनाए हुए है।
ब्रजेश पाठक अपने सामाजिक माध्यम मंचों पर केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि युवाओं, विद्यार्थियों और विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों पर संवाद करते नजर आते हैं। कानपुर में विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने युवाओं से उनके ही अंदाज में संवाद किया और पढ़ाई के साथ तनाव को लेकर भी बात रखी।
ब्रजेश पाठक ने हाल के महीनों में सामाजिक माध्यमों पर बातचीत और साक्षात्कार की शैली को भी अपनाया है। उन्होंने कई नेताओं के साथ बातचीत के वीडियो साझा किए, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा हुई। उनके इस अंदाज को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
अभी हाल में अखिलेश यादव से जुड़े पुराने वीडियो को ब्रजेश पाठक द्वारा सामाजिक माध्यम पर साझा किए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई।
पाठक का युवाओं के साथ संवाद का तरीका भी सुर्खियों में रहा है। विद्यार्थियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि केवल अंकों के पीछे भागने के बजाय ज्ञान हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं को चुनौतियों का सामना करने और सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, रोजगार को लेकर उनका हालिया बयान भी सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हुआ और विपक्षी नेताओं ने उसकी आलोचना की। पाठक ने लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा के कार्यक्रम में युवाओं को स्वरोजगार और वाहन चलाकर कमाई की संभावनाओं की बात कही थी। उनके बयान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
राजनीतिक रूप से देखा जाए तो ब्रजेश पाठक की पहचान अब केवल विधानसभा और सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं दिखती; उनका सामाजिक माध्यमों पर सक्रिय संवाद भी उनकी सार्वजनिक छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। युवाओं और आम जनमानस के बीच उनकी पहुंच को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा लगातार बनी हुई है।


