फर्रुखाबाद| जिले में पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ग्राम प्रधान ने सीधे एडीजी को शिकायती पत्र देकर दरोगा पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए हैं। मामला उच्च स्तर तक पहुंचते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के आदेश पर आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत निसाई की प्रधान गीता देवी ने एडीजी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि कोतवाली मोहम्मदाबाद में कोतवाल विनोद शुक्ला ने कहा कि दरोगा से लेनदेन करके काम करवा लो,दरोगा सुरेश चाहर ने ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई और जांच के नाम पर उनसे मोटी रकम की मांग की। आरोप है कि दरोगा ने अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में यूपीआई के माध्यम से और नकद मिलाकर करीब ढाई लाख रुपये अलग-अलग तिथियों में वसूल किए।
प्रधान ने अपनी शिकायत के समर्थन में यूपीआई ट्रांजेक्शन के प्रमाण भी प्रस्तुत किए हैं, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है। एडीजी स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद मामले को संज्ञान में लिया गया और जांच के निर्देश दिए गए। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली फतेहगढ़ में दरोगा सुरेश चाहर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बीती देर रात प्रधान गीता देवी के बयान भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज किए गए। प्रधान के पति सत्येंद्र सिंह के अनुसार, मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस विभाग की छवि को धूमिल किया है। वहीं सूत्रों के अनुसार, बिना कोतवाल की जानकारी के इतनी बड़ी रकम की वसूली संभव नहीं मानी जा रही, जिससे कोतवाली स्तर के अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है। और कोतवाल विनोद शुक्ला पर भी कार्यवाही की तलवार लटक रही है।
फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि आरोपी दरोगा पर जल्द निलंबन की कार्रवाई हो स
एडीजी तक पहुंची रिश्वतखोरी की शिकायत: दरोगा पर ढाई लाख रूपये वसूली का आरोप, मुकदमा दर्ज


