फर्रुखाबाद करीब चार वर्ष पूर्व अमृतपुर थाना क्षेत्र में दिव्यांग नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितिका त्यागी ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अमृतपुर थाना क्षेत्र निवासी ग्रामीण दिव्यांक पुत्री के साथ दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी इसमें कहा था कि वह नौकरी के सिलसिले में गाजियाबाद में रहता था उसका परिवार गांव में रहता था। 22 फरवरी 2022 की दोपहर उनकी करीब 12 वर्षीय दिव्यांग पुत्री शौच के लिए घर के पास बने शौचालय गई थी। उसी समय पड़ोसी श्रवण कुमार उर्फ रामवीर सिंह ने उसे पकड़कर जबरन दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण बालिका ने घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। बाद में दर्द होने पर उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की विवेचक ने विवेचना पुरी कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से तेज सिंह राजपूत ने दलीलें दी मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितिका त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गवाह व साक्ष्य को मुद्देनजर रखते हुए श्रवण कुमार उर्फ रामवीर सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है दोषी पर एक लाख दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है जुर्माना अदा न करने पर दो साल अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।


