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Monday, October 12, 2026

डिप्टी सीएम के आवास का घेराव करने पहुंचीं संविदा एएनएम, पुलिस ने बसों से ईको गार्डन भेजा

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छठे दिन भी जारी रहा महिला स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन; स्थायी नियुक्ति, समान काम-समान वेतन और गृह जनपद में तैनाती समेत कई मांगें, 2027 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक जवाब देने की चेतावनी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संविदा और आउटसोर्सिंग पर कार्यरत महिला सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) कर्मियों का आंदोलन सोमवार को छठे दिन भी जारी रहा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने राजभवन कॉलोनी स्थित उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आवास का घेराव किया और सड़क पर धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और महिला कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने महिलाओं को सड़क से हटाया और बसों में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि लगातार छह दिनों से आंदोलन करने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद शासन-प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि पहले भी कई बार उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया, लेकिन उन्हें ठोस कार्रवाई के बजाय आश्वासन ही मिले।
सोमवार को आंदोलनकारी महिला एएनएम कर्मी अपनी मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आवास पहुंचीं। यहां उन्होंने घेराव कर नारेबाजी की और सड़क पर धरना शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने महिलाओं को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनने की खबर है। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ईको गार्डन पहुंचाया।
आंदोलन कर रहीं महिला एएनएम कर्मियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उनकी मांगों में शामिल हैं:
स्थायी नियुक्ति: संविदा पर कार्यरत एएनएम कर्मियों को नियमित किया जाए।
समान काम-समान वेतन: काम की जिम्मेदारियों के अनुरूप समान वेतन का लाभ दिया जाए।
गृह जनपद में तैनाती: महिला कर्मियों को उनके गृह जिले में तैनाती का अवसर मिले।
स्वास्थ्य बीमा: कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
नियमित ईपीएफ अंशदान: कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से संबंधित अंशदान का लाभ नियमित रूप से मिले।
विशाखा कमेटी का गठन: कार्यस्थल पर शिकायतों के निस्तारण और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए निर्धारित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन मांगों के समाधान से उन्हें नौकरी से जुड़ी अनिश्चितताओं और कार्यस्थल की समस्याओं से राहत मिल सकती है
महिला कर्मियों के मुताबिक, वे पिछले छह दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं से अवगत कराने का प्रयास भी किया गया। उनका आरोप है कि बार-बार मांगें उठाने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

आंदोलनकारी महिलाओं का कहना है कि केवल आश्वासन देने से उनकी समस्याएं हल नहीं होंगी। वे चाहती हैं कि सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेकर उसे लागू करने की दिशा में कार्रवाई करे।
प्रदर्शनकारी महिला एएनएम कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में अपना विरोध दर्ज कराएंगी। उनका कहना है कि सरकार को उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करने के राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
फिलहाल, महिला कर्मियों की प्रमुख मांगें स्थायी नियुक्ति, वेतन, तैनाती और कार्यस्थल पर शिकायतों के निस्तारण से जुड़ी हैं। आंदोलन के आगे के स्वरूप और सरकार की ओर से किसी ठोस प्रतिक्रिया के संबंध में स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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