– मौत का मंजर देख भावुक हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
– हाथरस का कार्यक्रम छोड़ राजधानी पहुंचे सीएम योगी
लखनऊ। राजधानी के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार दिन मे हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में लगी आग कुछ ही देर में ऊपर संचालित कोचिंग संस्थान तक पहुंच गई। धुएं और आग की भयावह लपटों के बीच फंसे छात्र-छात्राओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत की खबर ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही इमारत में अफरा-तफरी मच गई। धुएं का गुबार पूरे भवन में फैल गया। जान बचाने के लिए कई छात्र छज्जों और छतों की ओर दौड़े, जबकि कुछ लोगों ने नीचे कूदकर अपनी जान बचाने का प्रयास किया। चारों ओर चीख-पुकार और मदद की गुहार सुनाई दे रही थी। कुछ ही मिनटों में पढ़ाई और भविष्य के सपनों से भरी इमारत मातम में बदल गई।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने इमारत की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया। जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।
हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राहत कार्यों का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत के दौरान जब उन्होंने हादसे की भयावहता और मृतकों की संख्या का जिक्र किया तो वह भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की दुनिया उजड़ जाने की त्रासदी है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का तत्काल संज्ञान लिया। अलीगढ़ दौरे पर मौजूद मुख्यमंत्री ने हाथरस की प्रस्तावित जनसभा और कार्यक्रम स्थगित कर दिए तथा तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने, घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के लखनऊ पहुंचने के बाद उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की संभावना है, जिसमें हादसे के कारणों, राहत कार्यों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा उन माता-पिताओं के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया है, जिन्होंने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के सपने के साथ कोचिंग भेजा था। लेकिन नियति ने उनसे उनके सपने ही छीन लिए। आज पूरा प्रदेश उन परिवारों के दुख में सहभागी है, जिनकी दुनिया इस अग्निकांड में उजड़ गई।


