नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए असम सरकार (Government of Assam) के साथ मिलकर काम कर रही है। मोदी ने संसद भवन परिसर में असम के केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी सांसदों से मुलाकात के बाद यह बात कही। इस साल अब तक बाढ़ के कारण 68 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रधानमंत्री ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, “असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं।”
इस बैठक में बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा शामिल हुए। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बाढ़ से छह ज़िलों – शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नागांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) – में 4,45,495 लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ के कारण कुल 90 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें 28,695 लोगों को आश्रय दिया गया है। इसके अलावा, 94 राहत वितरण केंद्र भी काम कर रहे थे। बुलेटिन में कहा गया है कि NDRF, SDRF और नागरिक सुरक्षा कर्मियों सहित कई एजेंसियां बचाव और राहत कार्य कर रही हैं और प्रभावित इलाकों में 67 नावें तैनात की गई हैं।
ASDMA ने बताया कि 37,139.52 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी जलमग्न है और 26,679 जानवर बह गए हैं। इसने कहा कि प्रभावित ज़िलों के विभिन्न हिस्सों से घरों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ; किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली और कई ज़िलों में जलस्तर कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय टीम ने मौजूदा बाढ़ की लहर से सबसे बुरी तरह प्रभावित ज़िलों में से एक, शिवसागर का दौरा किया और राज्य के पूर्वी हिस्सों में स्थिति का जायजा लिया।


