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Sunday, May 31, 2026

शुभेंदु सरकार का कल मंत्रिमंडल विस्तार, अधिकतम 44 मंत्रियों की जगह, अभी केवल 6

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कोलकाता: पश्चिम Bengal में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) के नेतृत्व वाली सरकार सोमवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। राजभवन में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कई विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत राज्य मंत्रिमंडल में कुल छह सदस्य हैं, जबकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राज्य में अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, सरकार प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने और विभिन्न विभागों का बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल का विस्तार कर रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी फिलहाल 40 से अधिक विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं। विस्तार के बाद इनमें से कई विभाग नए मंत्रियों को सौंपे जाने की संभावना है।

मौजूदा मंत्रिमंडल की स्थिति

  • मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास गृह, वित्त, कानून, कृषि, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, सूचना एवं संस्कृति समेत अनेक महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है।
  • कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशु संसाधन विकास तथा कृषि विपणन विभागों का संचालन कर रहे हैं।
  • अग्निमित्रा पॉल वर्तमान मंत्रिमंडल की एकमात्र महिला मंत्री हैं। उनके पास महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण, शहरी विकास और नगरपालिका मामलों से जुड़े विभाग हैं।
  • अशोक किर्तनिया खाद्य एवं आपूर्ति तथा सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
  • क्षुदिराम टुडू जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग देख रहे हैं।
  • निशिथ प्रामाणिक उत्तर बंगाल विकास, युवा कल्याण एवं खेल विभागों का नेतृत्व कर रहे हैं।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल करते हुए राज्य में पहली बार सरकार बनाई। पार्टी ने 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता पर कब्जा जमाया, जबकि तृणमूल कांग्रेस को बड़ी चुनावी हार का सामना करना पड़ा।

चुनाव परिणामों के बाद भी राज्य की राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में बनी हुई हैं। हाल के दिनों में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी एक कथित हमले की घटना भी सुर्खियों में रही। विपक्षी दल भाजपा ने इस मामले को टीएमसी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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