– छह नामजद समेत दो अज्ञात पर एफआईआर
फर्रुखाबाद (राजेपुर)। थाना राजेपुर क्षेत्र के बहुचर्चित बृजेश कुमार हत्याकांड में आखिरकार न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोर्ट के आदेश पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित छह नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
ग्राम चाचूपुर-जटपुरा निवासी बालकराम पुत्र रामेश्वर ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 8 मई 2026 को बृजेश कुमार का शराब ठेके पर कार्यरत सेल्समैन मुकेश जायसवाल से विवाद हुआ था। शिकायत के अनुसार, उसी रात करीब 8:30 बजे रमेश राजपूत, राकेश राजपूत, बृजेश, वासुदेव, मुकेश जायसवाल और दो अज्ञात व्यक्ति बृजेश कुमार को यह कहकर अपने साथ ले गए कि ठेके पर कुछ काम है और थोड़ी देर में वापस छोड़ देंगे।
परिजनों का आरोप है कि बृजेश देर रात तक घर नहीं लौटा। अगले दिन 9 मई की सुबह उसका शव गंदा नाला पुलिया के पास मिला। शव के सिर, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद राजेपुर पुलिस ने तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया और केवल कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर उन्हें वापस भेज दिया। आरोप है कि बाद में आरोपियों ने शव को शराब ठेके के पास रखकर हंगामा कराया, ताकि पूरे मामले का रुख भटकाया जा सके। हंगामे के दौरान पुलिस पर पथराव भी हुआ था, जिसमें पुलिस ने अलग मुकदमा दर्ज किया, लेकिन हत्या के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बालकराम ने न्यायालय को बताया कि पुलिस कार्रवाई न होने और आरोपियों के भय से उन्हें अपनी पत्नी के साथ घर छोड़ना पड़ा। उन्होंने 26 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक को पंजीकृत डाक के माध्यम से भी शिकायत भेजी थी, लेकिन सुनवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश के बाद अब पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले की आगे की जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


