नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को करीब 1,472.8 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जो कांग्रेस को मिले 207.17 करोड़ रुपये से करीब सात गुना अधिक है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, चुनावी अवधि में भाजपा के पास उपलब्ध राशि में भी करीब 904.6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हुए चुनाव के दौरान भाजपा ने असम में सबसे ज्यादा 96.27 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी ने यहां 2021 के मुकाबले 22 सीटें अधिक जीतीं। वहीं तमिलनाडु में भाजपा ने 51.56 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन उसे केवल एक सीट मिली। पुडुचेरी में पार्टी का चुनावी खर्च 11.90 करोड़ रुपये रहा।
भाजपा ने असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुल करीब 159.7 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें 130.4 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार और शेष उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर लगाए गए। तमिलनाडु में मीडिया विज्ञापनों पर करीब 23.96 करोड़ और स्टार प्रचारकों की यात्रा पर 10.04 करोड़ रुपये खर्च हुए।
दूसरी ओर कांग्रेस ने पांचों राज्यों में चुनाव प्रचार और उम्मीदवारों पर कुल करीब 248.55 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी के सामान्य प्रचार पर 143 करोड़ रुपये खर्च हुए। केरल में कांग्रेस का सामान्य प्रचार खर्च सबसे अधिक 59.28 करोड़ रुपये रहा। चुनावी अवधि के दौरान कांग्रेस के फंड में करीब 65.86 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
चुनावी आंकड़ों से भाजपा और कांग्रेस के बीच चंदे तथा चुनावी खर्च की क्षमता में बड़ा अंतर सामने आया है।


