डॉ. विजय गर्ग
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में हर दूसरा व्यक्ति थकान की शिकायत करता है। कई लोग सुबह उठते ही तरोताज़ा महसूस करने के बजाय पहले से ही थके हुए लगते हैं। दिनभर काम करने के बाद शारीरिक थकान होना स्वाभाविक है, लेकिन यदि बिना अधिक मेहनत के भी लगातार थकान बनी रहे, तो यह शरीर का संकेत हो सकता है कि हमारी जीवनशैली में कुछ बदलाव की आवश्यकता है।
थकान केवल ऊर्जा की कमी नहीं है, बल्कि यह हमारे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का आईना भी है। अच्छी बात यह है कि अधिकांश मामलों में कुछ सरल जीवनशैली परिवर्तन अपनाकर थकान से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।
थकान के प्रमुख कारण
लगातार थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारणों में अपर्याप्त नींद, असंतुलित आहार, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव, अत्यधिक स्क्रीन टाइम, पानी की कमी और अनियमित दिनचर्या शामिल हैं। कभी-कभी थायरॉयड की समस्या, एनीमिया, मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण भी लगातार थकान का कारण बन सकते हैं। इसलिए यदि थकान लंबे समय तक बनी रहे, तो चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।
पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद
अच्छी नींद शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए आवश्यक है। अधिकांश वयस्कों को प्रतिदिन लगभग 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद की आवश्यकता होती है।
रात में देर तक मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन से दूरी बनाना, नियमित समय पर सोना और उठना तथा शांत वातावरण में सोना बेहतर नींद के लिए लाभदायक है।
संतुलित आहार से मिलेगी ऊर्जा
हमारा भोजन ही हमारी ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। केवल पेट भरना पर्याप्त नहीं है; भोजन पौष्टिक भी होना चाहिए।
अपने आहार में ताजे फल, हरी सब्जियाँ, साबुत अनाज, दालें, दूध, दही, मेवे और पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करें। अत्यधिक तला-भुना भोजन, अधिक चीनी और जंक फूड शरीर को क्षणिक ऊर्जा तो देते हैं, लेकिन बाद में थकान और सुस्ती बढ़ा सकते हैं।
सुबह का नाश्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए। पौष्टिक नाश्ता पूरे दिन शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
पर्याप्त पानी पीना
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी थकान का एक बड़ा कारण है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शरीर की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
विशेषकर गर्मियों में या अधिक शारीरिक गतिविधि करने वालों को पानी और अन्य स्वस्थ तरल पदार्थों का पर्याप्त सेवन करना चाहिए।
नियमित व्यायाम
यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है कि व्यायाम करने से थकान कम होती है, जबकि व्यायाम में ऊर्जा खर्च होती है। लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर की सहनशक्ति बढ़ाती है, रक्त संचार में सुधार करती है और मानसिक तनाव कम करती है।
प्रतिदिन 30 मिनट तेज़ चाल से चलना, योग, साइकिल चलाना, तैराकी या हल्का व्यायाम भी ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।
तनाव पर नियंत्रण
मानसिक तनाव शरीर की ऊर्जा को धीरे-धीरे कम कर देता है। लगातार चिंता, काम का दबाव और पारिवारिक समस्याएँ व्यक्ति को मानसिक रूप से थका देती हैं।
तनाव कम करने के लिए ध्यान (मेडिटेशन), प्राणायाम, गहरी साँस लेने के अभ्यास, संगीत सुनना, पुस्तक पढ़ना या प्रकृति के बीच समय बिताना उपयोगी हो सकता है।
स्क्रीन टाइम कम करें
आज अधिकांश लोग दिन का बड़ा हिस्सा मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन के सामने बिताते हैं। इससे आँखों पर दबाव पड़ता है, मानसिक थकान बढ़ती है और नींद भी प्रभावित होती है।
हर 20–30 मिनट बाद कुछ मिनट का विराम लेना, आँखों को आराम देना और अनावश्यक स्क्रीन उपयोग कम करना लाभदायक है।
समय प्रबंधन भी है आवश्यक
कई बार थकान का कारण काम की अधिकता नहीं, बल्कि अव्यवस्थित दिनचर्या होती है। यदि दिनभर के कार्यों की योजना पहले से बना ली जाए और आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, तो तनाव और थकान दोनों कम हो सकते हैं।
काम के बीच छोटे-छोटे विश्राम भी कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।
सकारात्मक सोच का महत्व
नकारात्मक सोच, निराशा और लगातार चिंता भी मानसिक ऊर्जा को कम करती है। सकारात्मक दृष्टिकोण, कृतज्ञता की भावना और छोटी-छोटी उपलब्धियों का आनंद लेने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना भी भावनात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है।
कब लें चिकित्सकीय सलाह?
यदि पर्याप्त आराम, संतुलित भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बाद भी कई सप्ताह तक लगातार थकान बनी रहे, या इसके साथ वजन कम होना, सांस फूलना, चक्कर आना, तेज़ धड़कन, बुखार या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।
थकान जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हो सकती है, लेकिन लगातार थकान को सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं है। छोटी-छोटी स्वस्थ आदतें—पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच—जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
याद रखें, ऊर्जा किसी दवा की शीशी में नहीं, बल्कि हमारी दैनिक आदतों में छिपी होती है। यदि हम अपनी जीवनशैली को संतुलित और स्वस्थ बना लें, तो न केवल थकान से आज़ादी मिल सकती है, बल्कि जीवन अधिक सक्रिय, प्रसन्न और उत्पादक भी बन सकता है। स्वस्थ जीवनशैली ही लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन का सबसे सरल और प्रभावी मंत्र है।
डॉ विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब


