— डॉ. प्रो. राजकुमार
निदेशक, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स ), रांची, झारखंड
हर वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (डॉक्टर्स डे) मनाया जाता है। यह दिन महान चिकित्सक, प्रख्यात शिक्षाविद् और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री की जयंती और पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। यह केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन चिकित्सकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो दिन-रात मानव जीवन की रक्षा में समर्पित रहते हैं।
डॉक्टर केवल बीमारी का उपचार नहीं करता, बल्कि मरीज और उसके परिवार को आशा, विश्वास और जीवन जीने का साहस भी देता है। जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी, दुर्घटना या मानसिक तनाव से गुजर रहा होता है, तब एक चिकित्सक का आत्मविश्वास और संवेदनशील व्यवहार उसके उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। इसलिए चिकित्सा केवल विज्ञान नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों का सर्वोत्तम उदाहरण है।
कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को यह एहसास कराया कि डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी किसी भी देश की सबसे मजबूत सुरक्षा पंक्ति हैं। जब पूरा समाज अपने घरों में सुरक्षित था, तब स्वास्थ्यकर्मी अस्पतालों में अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा में जुटे थे। अनेक चिकित्सकों ने अपने परिवार से दूर रहकर, कठिन परिस्थितियों में भी मानवता की रक्षा का दायित्व निभाया। उनका यह योगदान सदैव इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
आज चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है। आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ), रोबोटिक सर्जरी, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ जैसी नई व्यवस्थाएं उपचार को अधिक प्रभावी बना रही हैं। लेकिन इन सबके बीच डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास का रिश्ता सबसे महत्वपूर्ण है। तकनीक उपचार को बेहतर बना सकती है, लेकिन करुणा, संवेदना और मानवीय स्पर्श का कोई विकल्प नहीं हो सकता।
एक चिकित्सक के सामने आज अनेक चुनौतियां हैं,बढ़ती मरीज संख्या, जटिल बीमारियां, संसाधनों का दबाव और तेजी से बदलती चिकित्सा तकनीक। इसके बावजूद अधिकांश चिकित्सक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ समाज की सेवा कर रहे हैं। समाज का भी दायित्व है कि वह डॉक्टरों का सम्मान करे, उनके कार्य की गरिमा बनाए रखे और स्वास्थ्य सेवाओं को सहयोग प्रदान करे।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर हमें केवल डॉक्टरों को शुभकामनाएं ही नहीं देनी चाहिए, बल्कि यह संकल्प भी लेना चाहिए कि हम स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंगे, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएंगे, टीकाकरण को बढ़ावा देंगे और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करेंगे। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं।
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स ), रांची की ओर से मैं देश के सभी चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आपकी सेवा, समर्पण और मानवता के प्रति निष्ठा समाज के लिए प्रेरणा है। आपका योगदान अनमोल है और राष्ट्र सदैव आपका ऋणी रहेगा।


