कमालगंज: थाना क्षेत्र कमालगंज के एक मार्ग पर शाम को ही सड़क पर डामर की पहली परत बिछी थी, ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि अब आवाजाही आसान होगी। लेकिन रात में गंगा की बाढ़ ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
महमदगंज मड़ैयन घाट पर गंगा नदी पर बने पुल तक जाने वाले संपर्क मार्ग पर सोमवार शाम को डामरीकरण का काम हुआ था। रात करीब ढाई बजे गंगा के बाढ़ के पानी के तेज बहाव ने चाचूपुर मोड़ के पास से सड़क को काट दिया। करीब ढाई मीटर हिस्सा बह जाने से सड़क के दो टुकड़े हो गए।
इस कटान का सीधा असर गंगा कटरी क्षेत्र पर पड़ा है। सड़क कटने से कई गांवों का कटरी से सीधा संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
मंगलवार सुबह जब ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर उस तरफ जा रहे थे, तब उन्हें रास्ता कटा हुआ मिला। मजबूरन उन्हें अपने पशु वापस घर लौटाने पड़े।
गांधीनगर निवासी शत्रुघ्न शुक्ला का कहना है कि संपर्क मार्ग टूटने से अब कटरी से आना-जाना बंद हो गया है।लोगों को मवेशियों के लिए चारा-भूसा लाना भी बड़ी परेशानी बन गया है।
वहीं गंगापार हरदोई जिले के कई लोग मंगलवार सुबह बाजार करने के लिए कमालगंज की तरफ आ रहे थे, तभी पता चला कि मार्ग बाढ़ में कट चुका है।
बता दें, कमालगंज को हरदोई जनपद से सीधे जोड़ने के लिए महमदगंज मड़ैयन घाट पर गंगा पर पुल का निर्माण कराया गया है। इसके लिए कस्बे से पुल तक जाने वाले पुराने चकरोड को संपर्क मार्ग में बदला गया था।
सूत्रों की मांने तो यह वैकल्पिक मार्ग की ऊंचाई कम रही इसको और ऊंचा उठाकर बनाया जाना चाहिए था जिससे इसके कटने की संभावना कम रहती। देखते हैं कि प्रशासन इस निर्माण पर क्या कदम उठाता है।
मड़ैयन घाट पुल का संपर्क मार्ग बाढ़ में कटा, कई गांवों का कटरी से टूटा नाता।


