लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित युवाओं और उनके परिवारों में खुशी का माहौल रहा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों को गांवों के विकास और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी का अहसास कराया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 10 वर्ष पहले सरकारी नौकरी हासिल करना आसान नहीं था और योग्य युवाओं के सामने कई तरह की मुश्किलें रहती थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में बिना किसी लेनदेन के युवाओं को नियुक्ति मिली है, इसलिए नवनियुक्त अधिकारी भी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
योगी ने ग्राम पंचायत अधिकारियों से अपनी-अपनी पंचायतों को बेहतर बनाने के लिए नए विचारों के साथ काम करने को कहा। उन्होंने हर घर नल योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ और शुद्ध पेयजल से गांवों में बीमारियों को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि गांव के युवाओं को प्लंबर जैसे कामों के लिए प्रशिक्षित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांवों में ग्राम सचिवालयों को विकसित किया जा रहा है। इनमें ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ पंचायत सहायक, लेखपाल और बीसी सखी जैसी व्यवस्थाओं को जोड़ा जा रहा है। जन्म, आय और निवास प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं गांव के स्तर पर उपलब्ध होने से ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए ब्लॉक और तहसील के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों को सक्रिय किया जा रहा है और वहां बिजली, इंटरनेट, कंप्यूटर समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए ऑनलाइन सेवाओं से पंचायतों को आय भी हो रही है। राजभर ने सरकारी भर्तियों को लेकर पिछली सरकारों पर आरोप लगाए और कहा कि वर्तमान सरकार में युवाओं को बिना पैसे नौकरी देने की व्यवस्था की गई है। उनके राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी गांवों में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। 1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों की नियुक्ति को ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।


