लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दमकल विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग अब आग बुझाने में हुए खर्च की वसूली संबंधित अवैध भवन के मालिक से करेगा। इस संबंध में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कई घंटों तक लगातार अभियान चलाना पड़ा। इस दौरान करीब 4 लाख लीटर पानी का उपयोग किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए कई दमकल वाहनों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों को मौके पर लगाया गया था।
अधिकारियों का कहना है कि संबंधित भवन में नियमों और स्वीकृत मानकों के उल्लंघन की बात सामने आई है। इसी आधार पर आग बुझाने में हुए खर्च का आकलन कर भवन स्वामी से उसकी वसूली की जाएगी। विभाग का मानना है कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसों का जोखिम बढ़ जाता है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान केवल अवैध निर्माणों और नियमों का उल्लंघन करने वाले परिसरों पर लागू होता है। वैध रूप से स्वीकृत और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले भवनों पर इस प्रकार की वसूली का नियम लागू नहीं होता।
अलीगंज अग्निकांड के बाद राजधानी सहित पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी मानकों को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ गई है। कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला भवनों की जांच की जा रही है तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भवन स्वामियों में सुरक्षा मानकों के प्रति जवाबदेही बढ़ेगी और भविष्य में अवैध निर्माण तथा अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।


