– क्षतिग्रस्त मार्गों का प्राथमिकता से होगा चिन्हांकन
फर्रुखाबाद। बरसात और बाढ़ के पानी से जिले की क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षतिग्रस्त सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर उनका प्राथमिकता के आधार पर चिन्हांकन किया जाए और मरम्मत व गड्ढामुक्त किए जाने के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कर शासन को समय से भेजी जाए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को बरसात एवं बाढ़ आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तथा जनपद की सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत, मंडी परिषद, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग के अंतर्गत आने वाले मार्गों की स्थिति की जानकारी जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई न की जाए, बल्कि मौके पर जाकर सड़कों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाए। बाढ़ और बारिश के कारण जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां क्षति का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर मार्गों की सूची तैयार की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित सड़कों की मरम्मत, पुनर्निर्माण तथा गड्ढामुक्त किए जाने के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक बजट की व्यवस्था कराई जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन से बजट आवंटित होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाए। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि स्वीकृत कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे हों।
उन्होंने सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर प्रगति का जायजा लें।
लापरवाही पर डीएम की सख्ती
डीएम ने कहा कि सड़कें आमजन के आवागमन का प्रमुख माध्यम हैं। बरसात और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा शासन को आवश्यक प्रस्ताव एवं कार्ययोजना समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


