मोहम्मदाबाद/फर्रुखाबाद। भैंस चोरी के मामले में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर रामवीर उर्फ करूं ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गांव गणेशपुर निवासी रघुवीर सिंह ने 9 जून की रात अपनी भैंस चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पड़ोसी गांव रोहिला के कुछ लोगों पर चोरी का आरोप लगाते हुए गढ़िया निवासी रामवीर उर्फ करूं, उसके भाई सिंटू तथा एक अन्य व्यक्ति को नामजद किया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सिंटू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जबकि मुख्य आरोपी रामवीर उर्फ करूं फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद पुलिस अधीक्षक ने एक सिपाही को लाइन हाजिर करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
शुक्रवार को अचानक रामवीर उर्फ करूं अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गया। बताया जाता है कि उसके साथ उसका भाई, पिता, मां और पत्नी भी मौजूद थे। मामले की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उसे हिरासत में लेकर थाना मोहम्मदाबाद भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि रामवीर उर्फ करूं के खिलाफ पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं और वह हिस्ट्रीशीटर है। भैंस चोरी के मामले में उसकी भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान चोरी की गई भैंस को बेचने और उससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि फरार आरोपी स्वयं एसपी कार्यालय पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।


