शाहजहांपुर (जलालाबाद)। जनपद के कोतवाली जलालाबाद क्षेत्र में मिर्जापुर–बदायूं मार्ग पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा निर्माणाधीन डबल लेन पुल को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पुल निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल, अवैध खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे मुद्दों ने पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति को उजागर करने पहुंचे एक पत्रकार के साथ सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। जानकारी के अनुसार, पत्रकार देवेश भारद्वाज मौके पर वीडियो और फोटो के माध्यम से कार्य की स्थिति को रिकॉर्ड कर रहे थे, तभी प्रोजेक्ट मैनेजर राजू सोनकर ने उन्हें ऐसा करने से रोका और कथित रूप से अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमकाया।
गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार:
पुल निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है
अवैध खनन कर नदी से रेत निकाली जा रही है
कई मजदूर बिना सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर) के कार्य कर रहे हैं
पुल के टूटे गाटर (गर्डर) को जेसीबी से रेत में दबाकर छिपाने का प्रयास किया गया
इतना ही नहीं, पुराने पुल के समीप रामगंगा नदी में किए जा रहे खनन को लेकर भी आशंका जताई जा रही है कि इससे मौजूदा पुल की संरचना को खतरा हो सकता है और भविष्य में हादसे की संभावना बढ़ सकती है।
पत्रकार को दी गई कथित धमकी
पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि “कई पत्रकार आए और चले गए, कोई कुछ नहीं कर पाया।” साथ ही ठेकेदार अनिल गुप्ता का हवाला देते हुए वीडियो न बनाने की चेतावनी दी गई। आरोप है कि पत्रकार की निगरानी के लिए एक व्यक्ति को बाइक से पीछे भी लगाया गया।
शिकायत दर्ज
घटना के बाद पत्रकार द्वारा:
सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई गई
कोतवाली जलालाबाद में भी लिखित शिकायत दी गई
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और पत्रकारों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुल निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
कोलाघाट पुल निर्माण में अनियमितताओं का आरोप, पत्रकार से अभद्रता का मामला गरमाया


