बाराबंकी। नाग पंचमी के अवसर पर बाराबंकी के मंजीठा स्थित प्रसिद्ध नाग देवता मंदिर में आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिला। नाग पंचमी पर यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचे और नाग देवता के दरबार में पूजा-अर्चना कर मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की। मान्यता है कि नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने और मन्नत मांगने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
नाग पंचमी पर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज के गांवों और आसपास के जिलों से लोग परिवार के साथ मंदिर पहुंचे। भक्तों ने नाग देवता को दूध, पुष्प और पूजन सामग्री अर्पित कर आशीर्वाद मांगा।
मंजीठा के नाग देवता मंदिर की सबसे खास परंपराओं में मिट्टी की ‘मलिया’ चढ़ाना शामिल है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मिट्टी से बनी मलिया मंदिर में अर्पित करते हैं। स्थानीय मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने के बाद भी भक्त नाग देवता के दरबार में पहुंचकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।
नाग पंचमी के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ गई कि पूरे परिसर में मेले जैसा माहौल बन गया। पूजा-अर्चना के साथ लोगों ने नाग देवता के जयकारे लगाए। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि नाग देवता के इस दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना खाली नहीं जाती।
स्थानीय लोगों के बीच मंजीठा के नाग देवता मंदिर को लेकर कई वर्षों से धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। नाग पंचमी के दिन यहां आने वाले श्रद्धालु इसे विशेष पुण्य का अवसर मानते हैं। इसी विश्वास के चलते हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।
हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रही। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं की गईं।


