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Monday, May 4, 2026

गंगा एक्सप्रेसवे पर ट्रॉमा सेंटर तैयार, लेकिन फूड प्लाजा बंद होने से यात्रियों को पानी तक नहीं मिल रहा

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औरैया

मेरठ से प्रयागराज तक बने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद भले ही इस हाईस्पीड मार्ग पर यातायात शुरू हो गया हो, लेकिन अभी भी यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोनिक टोल प्लाजा पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दो बेड का ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह तैयार कर लिया गया है, वहीं ओरहर स्थित फूड प्लाजा अब तक शुरू नहीं हो सका है, जिससे राहगीरों को पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन किया गया था, जिसके बाद इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोनिक टोल बूथ पर दो बेड का ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया गया है। यहां तैनात डॉ. आयुष यादव ने बताया कि इस छोटे अस्पताल में प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सेवाएं देने की पूरी व्यवस्था की गई है। एक शिफ्ट में तीन स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
हालांकि, दूसरी ओर एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे फूड प्लाजा का संचालन अभी शुरू नहीं हो पाया है। ओरहर स्थित फूड प्लाजा में फिलहाल वातानुकूलित कक्ष का निर्माण कार्य जारी है, जिसके कारण यहां न तो भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है और न ही कैफेटेरिया शुरू हो सका है। ऐसे में लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मेरठ से प्रयागराज की ओर जा रहे कार सवार संजय, सत्यम और गोलू ने बताया कि बांगरमऊ क्षेत्र में फूड प्लाजा शुरू हो चुका है, लेकिन वहां से करीब 50 किलोमीटर आगे ओरहर में उन्हें पीने का पानी तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी दूरी में यदि बीच में कोई सुविधा उपलब्ध न हो तो यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है।
इस संबंध में कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश कुमार ने बताया कि यात्रियों की असुविधा को देखते हुए एक सप्ताह के भीतर फूड प्लाजा को चालू कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास बची हुई भूमि पर हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण का कार्य भी कराया जाएगा, जिससे पर्यावरण संतुलन के साथ यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
फिलहाल, एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार सफर की सुविधा तो मिल रही है, लेकिन जरूरी सुविधाओं के अधूरे इंतजाम यात्रियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। यात्रियों की उम्मीद है कि जल्द ही सभी सुविधाएं सुचारु रूप से शुरू होंगी, जिससे उनका सफर सुरक्षित और आरामदायक बन सके।

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