कासगंज
सिढ़पुरा क्षेत्र में आयोजित गंगा सागर मेले में रविवार को जबरदस्त भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा मेला क्षेत्र उत्साह और उल्लास से सराबोर नजर आया। अवकाश के चलते सुबह से ही लोगों का आना-जाना शुरू हो गया था, जो शाम तक जारी रहा। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने मेले की रौनक का भरपूर आनंद लिया और हर उम्र के लोगों के लिए यह मेला आकर्षण का केंद्र बना रहा।
मेले में बच्चों और युवाओं का उत्साह देखने लायक था। बच्चों ने जहां रंग-बिरंगे खिलौने, गुब्बारे और खेल सामग्री खरीदी, वहीं झूलों का आनंद लेने के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आए। मिकी माउस, ब्रेकडांस, ड्रैगन ट्रेन और अन्य आधुनिक झूले बच्चों और युवाओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे। झूला संचालकों के अनुसार, रविवार को हुई भीड़ से उनका कारोबार काफी अच्छा रहा और पूरे दिन झूले लगभग लगातार चलते रहे।
खाने-पीने की दुकानों पर भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। चाट-पकौड़ी, गोलगप्पे, टिक्की, जलेबी और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का लोगों ने जमकर स्वाद लिया। कई परिवारों ने मेले में घूमने के साथ-साथ एक साथ बैठकर खाने-पीने का भी आनंद लिया, जिससे मेले का माहौल और भी खुशनुमा हो गया।
महिलाओं की सबसे अधिक भीड़ घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर देखी गई, जहां वे बर्तन, सजावटी सामान और अन्य दैनिक जरूरत की चीजों की खरीदारी करती नजर आईं। वहीं युवतियों ने श्रृंगार सामग्री, चूड़ियां, आभूषण और फैशन से जुड़े सामान की दुकानों पर विशेष रुचि दिखाई। दुकानदारों का कहना है कि इस बार मेले में बिक्री अच्छी हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से काफी लाभ मिल रहा है।
मेले में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आया। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात रहा, जिससे लोग बेफिक्र होकर मेले का आनंद उठा सके।
कुल मिलाकर गंगा सागर मेला पूरी तरह अपने रंग और परंपरागत उत्साह में रंगा हुआ दिखाई दिया। बच्चों की खिलखिलाहट, युवाओं का जोश और परिवारों की मौजूदगी ने मेले को एक यादगार उत्सव में बदल दिया, जहां मनोरंजन, खरीदारी और खानपान का अनूठा संगम देखने को मिला।


