सुल्तानपुर में पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने विभागीय फेरबदल करते हुए पांच उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस प्रशासनिक बदलाव को लेकर पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर एक उप निरीक्षक को जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) बनाए जाने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे प्रमुख बदलाव में उप निरीक्षक रविंद्र सिंह को पुलिस लाइन से हटाकर पुलिस अधीक्षक का पीआरओ नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि रविंद्र सिंह को 28 दिन पहले ही लाइन हाजिर किया गया था। उन पर 13 मार्च को गर्भपात से जुड़े आरोपियों को थाने से छोड़ने की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई थी, जब वे कोतवाली देहात में तैनात थे।
अन्य तबादलों के तहत कोतवाली नगर के पयागीपुर चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक यशवंत द्विवेदी को पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं पुलिस लाइन में तैनात उप निरीक्षक राजेश कुमार को लंभुआ कोतवाली में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे क्षेत्रीय पुलिस व्यवस्था में नई कार्यशैली की उम्मीद जताई जा रही है।
इसी क्रम में कोतवाली नगर के केएनआईटी चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक कृष्णपाल सिंह को मोतिगरपुर थाने स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा चौक घंटा घर चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक अभिषेक सिंह को कोतवाली देहात भेजा गया है, जिससे कई थानों और चौकियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है।
उप निरीक्षक रविंद्र सिंह का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। कूरेभार थाना प्रभारी रहते हुए उनकी एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पार्टी मनाते हुए तस्वीर वायरल हुई थी, जिसके बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया था। अब उनकी पुनः महत्वपूर्ण पद पर तैनाती को लेकर विभागीय हलकों में चर्चा बनी हुई है।
इस पूरे फेरबदल को पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद माना जा रहा है, लेकिन कुछ नियुक्तियों को लेकर उठ रहे सवालों ने इसे विवादित भी बना दिया है।


