इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistani) के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता शुरू होने को है लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने से पहले अमेरिका (US) के सामने अपनी दो शर्ते रख दी, पहला उसकी फ्रीज संपत्ति बहाल हो और दूसरा लेबनान में हमले बंद हो। रॉयटर्स की शुरुआती खबरों के मुताबिक ईरान की शर्ते मान ली गई थीं लेकिन अब खबर है कि, अमेरिका ने ईरानी एसेट्स को अनफ्रीज करने के पीछे शर्ते रखी है कि ईरान जल्द से जल्द होर्मुज स्ट्रेट खोलेगा यानी ईरान जब तक होर्मुज को नहीं खोलता है तब तक अमेरिका भी इस शर्ते को पूरा नहीं करेगा। बता दें कि पिछले डेढ़ महीने से अमेरिका-इजरायल के हमले झेल रहा ईरान इस शांति वार्ता हिस्सा लेने पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचा है।
ईरान ने अपना 10 सूत्रीय प्लान रखा है. ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और होर्मुज स्ट्रेट पर उसका पूरा नियंत्रण स्वीकार किया जाए। ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों से ‘टोल टैक्स’ वसूलने की जिद पर भी अड़ा है। इसे अमेरिका अपनी वैश्विक ताकत के लिए बड़ी चुनौती मान रहा है। अमेरिका ने 15 सूत्रीय शर्ते रखी है। इसमें कहा गया है कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और स्थायी रूप से सुरक्षित खोला जाए। ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अपनी सभी कोशिशों को पूरी तरह और सत्यापन योग्य तरीके से बंद करना होगा। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल विकास पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे। ईरान क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को फंडिंग और हथियार देना बंद करे। ईरान में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों की तत्काल रिहाई करें।
शहबाज शरीफ के साथ ईरानी डेलिगेशन की बैठक पूरी हो चुकी है, ये बैठक करीब एक घंटा चली है। शहबाज शरीफ से अब अमेरिका डेलिगेशन मुलाकात करेगा. उम्मीद की जा रही है, इसेक बाद दोनों के बीच सीजफायर वार्ता शुरू होगी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसका नेतृत्व कर रहे हैं। अमेरिकी की ओर से वेंस बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। उन्हें रिसीव करने आर्मी चीफ आसिम मुनीर एयरपोर्ट पहुंचे। अमेरिका-ईरान के बीच आज सुबह 8 बजे बातचीत शुरू होने वाली थी लेकिन अब यह दोपहर बाद शुरू होगी।
अमेरिका के साथ शांति पर बातचीत के लिए ईरान का डेलिगेशन शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंचा। इसकी अगुआई ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की उम्मीद के साथ दुनिया भर की नजरें इस वार्ता पर टिकी हैं। हालांकि, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान ने भारतीय और इजरायली पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगा दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि US और ईरान शांति वार्ता में अच्छे से शामिल होंगे। इशाक डार ने इस्लामाबाद की इच्छा दोहराई कि वह पार्टियों को संघर्ष का एक स्थायी और टिकाऊ समाधान निकालने में मदद करता रहेगा।


