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Friday, April 10, 2026

ईयरफोन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम

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डॉ विजय गर्ग

आज के डिजिटल युग में ईयरफोन हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। संगीत सुनना हो, ऑनलाइन कक्षाएँ लेनी हों या फोन पर बातचीत करनी हो—हर जगह ईयरफोन का उपयोग बढ़ता जा रहा है। हालांकि यह सुविधा और मनोरंजन का एक आसान माध्यम है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग से कई स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी जुड़े हुए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

 

सबसे बड़ा खतरा सुनने की क्षमता पर पड़ने वाला प्रभाव है। लंबे समय तक तेज आवाज में ईयरफोन का उपयोग करने से कान के भीतर की नाजुक कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। इससे धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कम होने लगती है और गंभीर स्थिति में स्थायी बहरापन भी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार 60-60 नियम (60% वॉल्यूम पर अधिकतम 60 मिनट) का पालन करना सुरक्षित माना जाता है।

 

ईयरफोन के अधिक उपयोग से कान में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। जब हम लंबे समय तक ईयरफोन लगाए रखते हैं, तो कान के अंदर नमी और गर्मी बढ़ जाती है, जो बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। इसके अलावा, एक ही ईयरफोन को बार-बार बिना साफ किए इस्तेमाल करने से संक्रमण का जोखिम और बढ़ जाता है।

 

इसके साथ ही, ईयरफोन का लगातार उपयोग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल सकता है। तेज आवाज में संगीत सुनने से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है। लंबे समय तक ईयरफोन लगाए रखने से गर्दन और कान के आसपास दर्द भी महसूस हो सकता है।

 

एक और गंभीर समस्या है—सामाजिक अलगाव। जब लोग लगातार ईयरफोन लगाए रहते हैं, तो वे अपने आसपास के वातावरण से कट जाते हैं। इससे न केवल सामाजिक संबंध प्रभावित होते हैं, बल्कि सड़क पर चलते समय या वाहन चलाते समय यह दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है, क्योंकि व्यक्ति बाहरी आवाजों को सुन नहीं पाता।

 

विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इसका प्रभाव अधिक देखा जा रहा है। ऑनलाइन शिक्षा और मनोरंजन के बढ़ते साधनों ने उन्हें ईयरफोन का अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे कम उम्र में ही सुनने से जुड़ी समस्याएं सामने आने लगी हैं।

 

इन जोखिमों से बचने के लिए कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है। जैसे—ईयरफोन का सीमित उपयोग करें, आवाज को मध्यम रखें, नियमित रूप से ईयरफोन की सफाई करें, और समय-समय पर कानों को आराम दें। इसके अलावा, बेहतर गुणवत्ता वाले ईयरफोन का उपयोग करना और आवश्यकता होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना भी महत्वपूर्ण है।

 

अंत में, यह कहना उचित होगा कि ईयरफोन का उपयोग सुविधा के लिए है, लेकिन इसका अत्यधिक और लापरवाह उपयोग हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए संतुलित और सुरक्षित उपयोग ही सही विकल्प है।

डॉ विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब

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