लखनऊ। भारत आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बन रहा है। देश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत लगभग 55 से 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि इतनी विशाल आबादी को इस स्तर की स्वास्थ्य सुरक्षा दुनिया के किसी भी देश में उपलब्ध नहीं है। यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी जीवन रक्षक कवच से कम नहीं है।
यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को इलाज का सहारा दे रही है, बल्कि उन्हें महंगे अस्पतालों के खर्च के बोझ से भी मुक्त कर रही है। अब गंभीर बीमारियों का इलाज भी आम आदमी की पहुंच में आ गया है, जिससे लाखों परिवारों को नई जिंदगी मिल रही है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि मरीज को इलाज के दौरान किसी प्रकार की आर्थिक चिंता नहीं रहती, और वह बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना भारत के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक बड़ा कदम है। इससे न केवल मृत्यु दर में कमी आई है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
आज जब दुनिया के कई विकसित देश भी अपनी पूरी आबादी को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा देने में संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में भारत की यह पहल वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण बनकर उभरी है।
आयुष्मान भारत सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों के लिए जीवन जीने की उम्मीद है।
आयुष्मान भारत से करोड़ों को जीवन का सहारा: मुख्यमंत्री


