संभल
सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में स्थित मदरसा गौसुल और उससे जुड़ी पांच दुकानों को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्वयं ही तोड़ दिया। यह निर्माण खाद के गड्ढे और खेल के मैदान की करीब 700 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर किया गया था, जिसे राजस्व विभाग ने अवैध घोषित किया था।
राजस्व विभाग के अनुसार, गाटा संख्या 630 (खेल का मैदान) और गाटा संख्या 623 (खाद का गड्ढा) पर यह निर्माण किया गया था। 27 मार्च को प्रशासन ने भूमि की पैमाइश कराई और 28 मार्च को अवैध निर्माण हटाने का अल्टीमेटम जारी किया गया। इसके बाद 31 मार्च से ही स्थानीय लोगों ने मदरसा और दुकानों को स्वयं तोड़ना शुरू कर दिया था।
रविवार को जेसीबी मशीन की मदद से मदरसा, दुकानों और अन्य संरचनाओं को गिराया गया। इस दौरान मदरसा गेट, प्याऊ और अन्य निर्माण भी हटाए गए। हालांकि, जेसीबी ऑपरेटर ने मीनार गिरने के दौरान खतरे की आशंका जताते हुए आगे काम करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बाकी हिस्सा ग्रामीणों ने खुद ही हटाया।
इस कार्रवाई के बीच गांव के लोगों ने विरोध भी जताया। ग्राम प्रधान पति हाजी मुनव्वर बब्बू ने कहा कि गांव में अन्य स्थानों पर भी ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे हैं, जिन्हें पहले हटाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रशासन को सभी अवैध निर्माणों पर समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए, न कि चयनात्मक तरीके से।
इस मामले में प्रशासन की ओर से सख्ती भी दिखाई गई है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर राजस्व टीम गठित कर भूमि का सीमांकन और कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। टीम में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कई लेखपाल शामिल हैं, जो पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों की मांग है कि गांव में मौजूद सभी अवैध निर्माणों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो, ताकि किसी एक समुदाय को निशाना बनाने की भावना न बने।


