– मोदी सेवा के प्रदेश अध्यक्ष कुमार पाल सिंह राठौड़ का आरोप
– सत्यापन में लापरवाही, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
– डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी से की गई कार्रवाई की मांग
अमृतपुर फर्रुखाबाद। चर्चित ओमवीर हत्याकांड में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आये है। मामले के मास्टरमाइंड देवेंद्र यादव पर आरोप है कि उसने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों को छिपाकर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त कर लिया। इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध पूर्व में कई मुकदमे दर्ज थे, लेकिन लाइसेंस आवेदन के दौरान इन तथ्यों को छिपाया गया। इसके बावजूद सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरतते हुए लाइसेंस जारी कर दिया गया। अब इस पूरे प्रकरण में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हत्याकांड की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि ओमवीर की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। घटना के बाद मामला लंबे समय तक दबा रहा और करीब 8 माह बाद शव मिलने पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इस मुद्दे पर मोदी सेवा के प्रदेश अध्यक्ष कुमार पाल सिंह राठौड़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब आरोपी पर पहले से मुकदमे दर्ज थे, तो उसे शस्त्र लाइसेंस जारी होना प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है।
राठौड़ ने जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी से मांग की है कि ऐसे सभी शस्त्र लाइसेंस, जो अपराधियों द्वारा मुकदमे व तथ्य छिपाकर बनाए गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है और जल्द ही लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।


