लखनऊ। राजधानी में आतंकी गतिविधियों से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। एनआईए कोर्ट में पेश किए गए चार आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर भेज दिया गया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस को पांच दिन की कस्टडी रिमांड प्रदान की है।
पेश किए गए आरोपियों में शाकिब, लोकेश, विकास और अरबाब शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में संदिग्ध गतिविधियों के चलते हिरासत में लिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों को इन आरोपियों के पास से मिले इनपुट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आशंका है कि ये किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
सुनवाई के दौरान एटीएस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों से अभी प्रारंभिक पूछताछ हुई है और कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आनी बाकी हैं। एजेंसी ने तर्क दिया कि आरोपियों के मोबाइल, डिजिटल डिवाइस, संपर्क सूत्रों और संभावित फंडिंग नेटवर्क की गहराई से जांच के लिए कस्टडी जरूरी है। कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए पांच दिन की रिमांड मंजूर कर दी।
जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि इन संदिग्धों के संपर्क देश के किन-किन राज्यों या विदेशों तक फैले हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या ये किसी बड़े आतंकी संगठन से जुड़े हैं या किसी स्लीपर सेल का हिस्सा हैं।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, सोशल मीडिया गतिविधियों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर ) खंगाल रही हैं। पूछताछ के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनका उद्देश्य क्या था और किन स्थानों को निशाना बनाया जा सकता था।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद लखनऊ समेत प्रदेश के कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे न सिर्फ इस नेटवर्क का पर्दाफाश होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी साजिशों को भी नाकाम किया जा सकेगा।
एनआईए कोर्ट में संदिग्ध आतंकियों की पेशी, एटीएस को 5 दिन की रिमांड—बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद


