राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, मार्बल-ग्रेनाइट रैकेट का भंडाफोड़
आगरा
राज्य कर विभाग ने कर चोरी और फर्जी कारोबार के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर 23 फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराए गए थे, जिनके जरिए मार्बल और ग्रेनाइट की अवैध आवाजाही कर टैक्स की भारी चोरी की जा रही थी।
संयुक्त आयुक्त चंद्रकांत रलहन के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान विभाग की सचल दल इकाई ने कोरई टोल प्लाजा पर 18 मार्च को राजस्थान नंबर के एक ट्रक को पकड़ा। जांच में ट्रक में करीब 11,244 वर्ग फीट मार्बल और ग्रेनाइट स्लैब लदा मिला, जिसे बिना वैध दस्तावेजों के आगरा के एक अपंजीकृत व्यक्ति को भेजा जा रहा था। इसके बाद विभाग ने दो ट्रकों को पकड़ते हुए 8.62 लाख और 9.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला।
जांच में यह भी सामने आया कि ये फर्जी फर्में बिना रिटर्न दाखिल किए और कर जमा किए बिना ही लगातार माल की सप्लाई कर रही थीं। इस मामले में तीन फर्मों—आरके एंटरप्राइजेज, एके एंटरप्राइजेज और जेके ट्रेडर्स—के खिलाफ थाना लोहामंडी में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के फर्जी नेटवर्क से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा था। विभाग अब इस पूरे गिरोह के अन्य लिंक और जुड़े लोगों की गहन जांच कर रहा है। इस कार्रवाई के बाद व्यापारिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है और कर विभाग ने साफ कर दिया है कि कर चोरी और फर्जी पंजीकरण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


