कासगंज। एक अप्रैल से जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और महिलाओं को मिलने वाले पुष्टाहार और केंद्रों के संचालन समय में महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर लागू इस नई व्यवस्था के तहत अब लाभार्थियों को अधिक पौष्टिक और विविध आहार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए केंद्रों के समय में भी बदलाव किया गया है, जिससे बच्चों और महिलाओं को राहत मिल सके।
जिले में संचालित 2445 आंगनबाड़ी केंद्रों पर करीब 1 लाख 40 हजार 463 लाभार्थी पंजीकृत हैं। पहले केंद्रों का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित था, लेकिन अब इसे बदलकर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है। इस बदलाव से तेज धूप और गर्मी के असर से बचाव होगा और छोटे बच्चों को सुविधाजनक समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।
नई व्यवस्था के तहत छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन का मीठा हलवा दिया जाएगा, जबकि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन की बर्फी, दलिया और मूंग-सोया युक्त खिचड़ी (बाल पुष्टिकर) उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष रूप से कुपोषित बच्चों के लिए मीठा हलवा और नमकीन दलिया का प्रावधान किया गया है, जिससे उनके पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके।
गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भी आहार में बदलाव किया गया है। अब उन्हें आटा, बेसन-सोया बर्फी या दलिया के साथ मूंग दाल की नमकीन खिचड़ी दी जाएगी, जिससे उन्हें पर्याप्त पोषण और ऊर्जा मिल सके। इस नई व्यवस्था से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुशीला ने बताया कि एक अप्रैल से यह नई व्यवस्था प्रभावी कर दी गई है और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों और महिलाओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना और कुपोषण को जड़ से समाप्त करना है।


