फर्रुखाबाद। जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बी पॉजिटिव ब्लड की भारी कमी के चलते मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक में जरूरतमंदों को खून तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है। ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन गिरीश कुमार के अनुसार वर्तमान में कुल लगभग 15 यूनिट ही खून उपलब्ध है, जिससे बढ़ती जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा।
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में 1050 रुपये की सरकारी रसीद काटी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद B पॉजिटिव ब्लड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। इससे लोगों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
सरकारी ब्लड बैंक से निराश मरीजों को मजबूरन निजी ब्लड बैंकों का रुख करना पड़ रहा है। यहां मनमाने दाम और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
खून की कमी के कारण कई गंभीर मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। परिजनों का कहना है कि समय पर ब्लड न मिलने से मरीजों की हालत बिगड़ रही है और जान का खतरा भी बढ़ रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस संकट से अनजान हैं या फिर समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि ब्लड की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित की जाए, ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किए जाएं और निजी ब्लड बैंकों की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
यह स्थिति साफ दर्शाती है कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर खामियां हैं, जिनका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
खून पर संकट गहराया, बी पॉजिटिव की भारी कमी से मरीज बेहाल


