इटाबा
जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के लिए 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत सभी स्कूल वाहन स्वामियों को अपने-अपने वाहनों का भौतिक निरीक्षण अनिवार्य रूप से कराना होगा, साथ ही जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल फिटनेस प्रमाणित कराना होगा। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एआरटीओ प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के प्रत्येक विद्यालय में “विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति” का गठन किया जा चुका है। यह समिति प्रारंभिक स्तर पर स्कूल वाहनों की फिटनेस, दस्तावेजों की वैधता, चालक-परिचालक की योग्यता और सुरक्षा मानकों की निगरानी के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस समिति की वर्ष में कम से कम चार बैठकें आयोजित करना अनिवार्य है, जिनका कार्यवृत्त जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति को भेजा जाएगा।
विशेष रूप से 1 से 15 अप्रैल के बीच सभी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अपनी-अपनी परिवहन यान सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित करनी होगी और उसका विस्तृत कार्यवृत्त जिला स्तर की समिति को प्रेषित करना होगा। यह जिला स्तरीय समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करती है, जो पूरे अभियान की निगरानी और समीक्षा करेगी।
एआरटीओ ने यह भी बताया कि परिवहन विभाग द्वारा स्कूली वाहनों की ऑनलाइन निगरानी के लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल पर सभी स्कूलों को अपने यहां संचालित वाहनों का पूरा डेटा अपलोड करना होगा, जिससे वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी।
उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जिन स्कूल वाहनों की फिटनेस समाप्त पाई जाएगी या जो बिना मानकों के संचालित होते मिले, उनके खिलाफ कठोर प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को न्यूनतम करना है।


