मैनपुरी
जनपद में आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश पांडेय के दौरे ने पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ा दी है। दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के तहत सोमवार को मैनपुरी पहुंचे डीआईजी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि थानों में आने वाली हर शिकायत का गंभीरता से और समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि आमजन को न्याय के लिए भटकना न पड़े।
डीआईजी शैलेश पांडेय ने सर्किट हाउस में पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के साथ जिले की कानून व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद उन्होंने पुलिस कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां गार्द की सलामी लेने के उपरांत विभिन्न शाखाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डीसीआरबी, महिला सहायता प्रकोष्ठ, पत्र व्यवहार शाखा, अभियोजन शाखा और अपराध शाखा में पहुंचकर अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित मामलों और कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने विशेष रूप से “मिशन शक्ति” के अंतर्गत महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि महिला संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और पुलिस को इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।
डीआईजी ने कोतवाली परिसर का भी निरीक्षण करते हुए अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि वे जनता के साथ विनम्र और मित्रवत व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच सकारात्मक होनी चाहिए, जिससे लोग बिना किसी भय के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, रिकॉर्ड की पारदर्शिता और कार्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए डीआईजी ने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरे के बाद मैनपुरी पुलिस प्रशासन में सतर्कता और जवाबदेही को लेकर नई ऊर्जा देखने को मिल रही है, वहीं आमजन में भी यह संदेश गया है कि पुलिस अब शिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिक गंभीर और जिम्मेदार हो रही है।


