नई दिल्ली। होर्मुज संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। देश में उन क्षेत्रों में जहां गैस और बिजली की आपूर्ति सीमित है, वहां के लोग खाना बनाने और रोशनी के लिए तत्काल केरोसिन प्राप्त कर सकें, इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने नियमों में अस्थायी ढील दी है।
सरकार ने बताया कि पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंस से जुड़े नियमों को अस्थायी रूप से आसान किया गया है। इसके तहत अब 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जरूरत के अनुसार केरोसिन की आपूर्ति की जाएगी। इस कदम का मकसद उन इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाना है, जहां रसोई गैस की कमी के कारण लोग खाना बनाने में परेशानी झेल रहे हैं।
अतिरिक्त केरोसिन आवंटन
सरकार ने नियमित आवंटन के अलावा 48,000 किलोलीटर केरोसिन अतिरिक्त देने का निर्णय लिया है। इससे राज्यों को जरूरत के हिसाब से तुरंत सप्लाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां लोग अभी भी केरोसिन पर निर्भर हैं।
राज्यों को दिए गए निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे जिलों में ऐसे स्थान चिन्हित करें, जहां केरोसिन की मांग अधिक है। इसके आधार पर वितरण किया जाएगा, ताकि ईंधन सही जगह तक पहुंचे और किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
कितने राज्यों ने आदेश जारी किए
अब तक 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केरोसिन आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने बताया कि उन्हें इस समय अतिरिक्त केरोसिन की आवश्यकता नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार जरूरत के अनुसार राहत पहुंचा रही है।
आम जनता को लाभ
सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को सीधा फायदा होगा। खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में जहां लोग अभी भी केरोसिन पर निर्भर हैं। इससे खाना बनाने और रोशनी की समस्या कम होगी और ऊर्जा संकट के प्रभाव को सीमित किया जा सकेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मौजूदा वैश्विक और घरेलू हालात को देखते हुए उठाया गया है। जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, नियमों को पुनः पहले जैसा किया जा सकता है। फिलहाल फोकस यह है कि देश के किसी भी कोने में ईंधन की कमी न होने पाए।


