लखीमपुर खीरी। शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल मैदान में आजाद समाज पार्टी की ओर से आयोजित बहुजन भाईचारा संवाद महारैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। सम्राट अशोक की जयंती के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बहुजन समाज के लोग मौजूद रहे और उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के विचारों का उत्साहपूर्वक समर्थन किया।
इस अवसर पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वर्तमान सरकार तानाशाही सोच वाली है और अब इसका पतन शुरू हो चुका है। उन्होंने भीमराव आंबेडकर के संविधान को बहुजन समाज का सबसे बड़ा हथियार बताते हुए कहा, “हमारे अधिकार हमें किसी सरकार ने नहीं, बल्कि बाबा साहब के संविधान ने दिए हैं। इन्हें कोई भी नहीं छीन सकता।” उनका यह संदेश युवाओं और समाज के कमजोर तबकों के लिए जागरूकता और अधिकारों की रक्षा का एक मजबूत आह्वान था।
चंद्रशेखर ने कहा कि जब-जब बहुजन समाज एकजुट हुआ है, तब-तब सत्ता को झुकना पड़ा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हम डरने वाले नहीं, लड़ने वाले लोग हैं। अगर हमारे हक पर चोट होगी तो हम सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेंगे।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा और संगठन के रास्ते पर चलें और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।
रैली में उन्होंने तिकुनिया कांड का जिक्र भी किया। कहा कि प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वे मोटर साइकिल से पीड़ितों तक पहुंचे। “हम अन्याय के खिलाफ हर हाल में खड़े रहेंगे, चाहे कितनी भी बाधाएं आएं,” उन्होंने दृढ़ता से कहा।
चंद्रशेखर आजाद ने यह भी बताया कि तिकुनिया कांड से जुड़े लोगों को सत्ता से बाहर करने में वोट की ताकत निर्णायक रही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत यही है कि जनता अपने अधिकारों और न्याय के लिए सही फैसला करती है। उन्होंने बहुजन समाज से एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
रैली में उपस्थित लोगों ने चंद्रशेखर आजाद के संदेशों का समर्थन करते हुए लोकतंत्र, संविधान और बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम न केवल बहुजन समाज की ताकत और एकजुटता का प्रतीक बना, बल्कि आने वाले चुनावी और सामाजिक परिदृश्य में बहुजन समाज की भूमिका को भी स्पष्ट रूप से सामने लाया।


