कानपुर
नवाबगंज स्थित संवासिनी गृह (यूनिट-2) में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है, जहां गुरुवार रात दो किशोरियां परिसर से फरार हो गईं। हैरानी की बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी इस दौरान सुस्ताते रहे और उन्हें घटना की भनक तक नहीं लगी। करीब एक घंटे बाद जब नियमित गिनती की गई, तब किशोरियों के गायब होने की जानकारी हुई, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस को तत्काल जानकारी दी गई। पुलिस ने दोनों किशोरियों की तलाश शुरू की, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार खोजबीन जारी है और आसपास के क्षेत्रों में भी तलाश की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों किशोरियां रात करीब 9 बजे अपने कमरे से निकलकर पीछे के आंगन में पहुंचीं और वहां कपड़े सुखाने वाले स्टैंड का सहारा लेकर खिड़की से छज्जे पर चढ़ गईं। इसके बाद वे छत पर पहुंचीं और पीछे की ओर कूदकर फरार हो गईं। इस पूरी घटना के दौरान वहां मौजूद होमगार्ड और महिला कर्मियों को कुछ भी पता नहीं चला। रात 10 बजे गिनती के दौरान ही उनके फरार होने का खुलासा हुआ।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कर्मचारियों की लापरवाही साफ तौर पर सामने आई, जिसमें वे ड्यूटी के दौरान आराम करते नजर आए। जांच में यह भी पाया गया कि संवासिनी गृह की अधीक्षक कल्पना घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं और उन्होंने जिम्मेदारी अन्य कर्मचारियों पर छोड़ रखी थी। इस पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए एक महिला कर्मी के निलंबन और दो संविदा कर्मियों की सेवा समाप्ति की संस्तुति की है, साथ ही तीन होमगार्डों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के लिए एसीएम-छह को निर्देश दिए हैं और अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, फरार किशोरियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं और जल्द ही उन्हें बरामद करने की उम्मीद जताई जा रही है।


