मैनपुरी
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा जिले के पांच प्रमुख धर्मस्थलों के विकास के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत इन धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस योजना का शिलान्यास पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह द्वारा शनिवार को मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम फतेहजंगपुर में किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और क्षेत्रीय नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। मंत्री के जिला मीडिया प्रभारी पीयूष चंदेल ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की है।
परियोजना के अंतर्गत जिन पांच धर्मस्थलों का विकास किया जाएगा, उनमें शंकर जी महाराज मंदिर फतेहजंगपुर, हनुमान मंदिर जखोआ, नैनसुख महाराज मंदिर चंद्रपुर, बजरंगबली हनुमान मंदिर खिरनाखुर्द और ब्रह्मदेव महाराज मंदिर ढिबईया शामिल हैं। इन सभी स्थलों पर अलग-अलग बजट निर्धारित किया गया है, जिसके तहत सौंदर्यीकरण, परिसर का विस्तार, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
पर्यटन विभाग द्वारा पूर्व में भी जिले के कई धार्मिक स्थलों का विकास कराया जा चुका है, साथ ही ऐतिहासिक महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना कर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास किया गया है। इस नई योजना से मैनपुरी को एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूती मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण की भी घोषणा की गई है। लगभग 79.86 लाख रुपये की लागत से जुंहेसा पाठशाला से सहुरिया गांव तक तथा नौरंगपुर गांव में सुरेश राजपूत के घर से फिरोजपुर सड़क तक मार्गों का निर्माण कराया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, यह योजना मैनपुरी के धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है, जिससे जिले की पहचान एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में और अधिक सशक्त होगी।


