धर्मशाला में सन्नाटा देख उड़े होश
एटा
जलेसर क्षेत्र से शादी के नाम पर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया है। कोतवाली क्षेत्र के गांव नूह खास निवासी एक ही परिवार के तीन युवकों—विजय, लोकेंद्र और मुकेश—को शातिर ठगों ने विवाह कराने का झांसा देकर 4 लाख 60 हजार रुपये से अधिक की रकम ठग ली। घटना के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है और पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहा है।
पीड़ित लोकेंद्र द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, करीब एक माह पहले उसके मोबाइल पर राहुल और रेखा नाम के व्यक्तियों के फोन आए, जिन्होंने खुद को एक विवाह संस्था का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने तीनों युवकों की शादी कराने का भरोसा दिलाया और लड़कियों के फोटो भी भेजे। लंबे समय से शादी न होने के कारण परिवार इस प्रस्ताव पर सहमत हो गया। ठगों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से भरोसा जीतते हुए शादी की तारीख 26 मार्च तय कर दी और स्थान अग्रवाल धर्मशाला घंटाघर बताया।
इसके बाद ठगों ने शादी के खर्च, गहने और साड़ियों की खरीदारी के नाम पर 18 मार्च से पैसे मांगने शुरू कर दिए। विश्वास में आकर तीनों युवकों ने 18 से 25 मार्च के बीच बैंक खातों और जनसेवा केंद्रों के माध्यम से कुल 4,60,500 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने वीडियो कॉल और फोटो के जरिए शादी की तैयारियां भी दिखाईं, जिससे पीड़ितों का भरोसा और मजबूत हो गया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26 मार्च को तीनों युवक अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ बरात लेकर कानपुर पहुंचे, लेकिन जब वे तय स्थान पर पहुंचे तो वहां सन्नाटा पसरा मिला। न कोई शादी की तैयारी, न ही लड़की पक्ष का कोई व्यक्ति मौजूद था। आरोपियों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे थे। यह देखकर बरातियों के होश उड़ गए और उन्हें मायूस होकर खाली हाथ गांव लौटना पड़ा।
घटना के अगले दिन शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने जलेसर कोतवाली पहुंचकर पूरी आपबीती सुनाई और नामजद तहरीर देकर आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एसएचओ जलेसर संजय राघव ने बताया कि पीड़ितों से ऑनलाइन लेनदेन के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
इस अनोखी ठगी की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोगों को सतर्क रहने की सीख भी दी है कि शादी जैसे संवेदनशील मामलों में भी अब ठग सक्रिय हो चुके हैं।


