उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने कानपुर मेट्रो के बड़े विस्तार की योजना तैयार की है, जिसके तहत वर्ष 2035 तक मेट्रो सेवा उन्नाव तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार शहर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार बढ़कर 107.32 किलोमीटर तक हो जाएगा। वर्ष 2030 तक मेट्रो सेवा पनकी, चकेरी और कैंट क्षेत्र तक पहुंचाई जाएगी, जिसके बाद अगले चरण में इसे उन्नाव तक विस्तारित किया जाएगा।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस संबंध में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को पत्र लिखकर मास्टर प्लान में प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी साझा की है। यह योजना “विकसित भारत 2047” की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। मेट्रो विस्तार के लिए केंद्र और राज्य स्तर से भी सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
यदि तय समयसीमा के अनुसार कार्य पूरा हुआ, तो 2030 तक करीब 79 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार हो जाएगा, जबकि 2035 तक इसे बढ़ाकर 107.32 किलोमीटर तक कर दिया जाएगा। इस विस्तार के तहत शहर में कुल नौ कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें से पांच प्रमुख कॉरिडोर के जरिए 76.51 किलोमीटर नेटवर्क का निर्माण पहले चरण में किया जाएगा।
वर्तमान में 23.8 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-एक (आईआईटी से कानपुर सेंट्रल) पर मेट्रो का संचालन हो रहा है। इस रूट को आगे नौबस्ता तक बढ़ाने के लिए ट्रायल जारी है, और संभावना है कि जून तक यात्रियों को इस पूरे रूट पर सेवा मिलने लगेगी। वहीं, 8.6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-दो (सीएसए से बर्रा-आठ) पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसकी डेडलाइन दिसंबर निर्धारित की गई है।
इसके अतिरिक्त, नौबस्ता और बर्रा-आठ स्टेशनों को जोड़ने के लिए 5.9 किलोमीटर लंबे नए लिंक की योजना भी बनाई गई है, जिसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है। अधिकारियों का मानना है कि मेट्रो विस्तार से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, जाम की समस्या कम होगी और लोगों को तेज, सुरक्षित व सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा।


