नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) में अब अपनी फिल्म सिटी बनने जा रही है। केंद्र सरकार (central government) ने इस परियोजना को समर्थन देते हुए दिल्ली सरकार को लगभग 486 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है। यह कदम दिल्ली को एक प्रमुख फिल्म निर्माण और मनोरंजन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संबंध में समझौता पत्र (MOU) आज शाम इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में साइन किया जाएगा। समारोह भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा, जिसमें दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार (प्रसार भारती) के अधिकारी शामिल होंगे।
बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री का भारत में लंबे समय से दबदबा रहा है, लेकिन बदलते समय के साथ सिनेमा ने देश के अन्य हिस्सों में भी तेजी से पाँव पसारे हैं। हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी ने अपने प्रोडक्शन हाउस के तहत कई बड़ी फिल्मों का निर्माण किया है और यह देश की सबसे बड़ी फिल्म सिटियों में से एक के रूप में मशहूर है। वहीं, भोजपुरी और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री भी पिछले कुछ सालों में काफी ग्रो कर रही है।
देशभर में सिनेमा के तेजी से विस्तार के बीच, उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में नोएडा इंटरनेशनल फिल्म सिटी का निर्माण होने जा रहा है। यह फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र के सेक्टर-21 में विकसित की जाएगी। हालांकि, फिलहाल निर्माण में बहुत तेज़ प्रगति नहीं दिख रही है। शुरुआती योजना के अनुसार फिल्म सिटी का निर्माण जून 2025 में शुरू होना था, लेकिन अभी तक कोई बड़ा अपडेट सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस देरी के पीछे डेवलपर और फिल्म निर्माताओं की प्राथमिकताओं में टकराव एक अहम कारण रहा है।
ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र के सेक्टर-21 में बनने जा रही नोएडा इंटरनेशनल फिल्म सिटी जेवर एयरपोर्ट से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी। इसका उद्देश्य यूपी में फिल्म शूटिंग, एडिटिंग स्टूडियो, एनीमेशन स्टूडियो, मीडिया प्रोडक्शन हाउस और डिजिटल मनोरंजन के तहत सबसे बड़ा हब विकसित करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परियोजना से करीब 1.5 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। हालांकि, निर्माण कब तक पूरा होगा, इस बारे में अभी कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता। प्रारंभिक योजना के अनुसार निर्माण जून 2025 में शुरू होना था, लेकिन डेवलपर और फिल्म निर्माता की प्राथमिकताओं में टकराव के कारण इसमें देरी हुई है।


