– नई कैबिनेट के साथ नई शुरुआत
काठमांडू। नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां बालेन्द्र साह (बालेन) ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार का नेतृत्व संभाल लिया है। उनके नेतृत्व में गठित मंत्रिपरिषद को देश में नई उम्मीदों और बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद प्रधानमंत्री बालेन साह ने अपनी प्राथमिकताएं भी स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने रक्षा और उद्योग मंत्रालय अपने पास रखते हुए संकेत दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और औद्योगिक विकास उनके एजेंडे में शीर्ष पर रहेंगे। यह फैसला रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों का सीधा संबंध देश की स्थिरता और आर्थिक मजबूती से है।
नई मंत्रिपरिषद में कई अहम जिम्मेदारियां अनुभवी और नए नेताओं को सौंपी गई हैं। स्वर्णिम वाग्ले को अर्थ मंत्रालय दिया गया है, जिनसे देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने और निवेश को बढ़ावा देने की अपेक्षा है।
सुदन गुरुङ को गृह मंत्रालय सौंपा गया है, जो आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं शिशिर खनाल को विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे नेपाल की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
सुनिल लम्साल को भौतिक पूर्वाधार, यातायात एवं शहरी विकास मंत्रालय दिया गया है, जो देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ऊर्जा, पर्यटन और शिक्षा पर फोकस
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विराजभक्त श्रेष्ठ को ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्रालय सौंपा गया है। वहीं खड्कराज पौडेल (गनेश) को पर्यटन मंत्रालय दिया गया है, जिससे नेपाल के प्रमुख पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
शिक्षा और युवाओं को ध्यान में रखते हुए सस्मित पोखरेल को शिक्षा, विज्ञान, प्रविधि एवं युवा-खेलकूद मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है, जो आने वाले समय में मानव संसाधन विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
स्वास्थ्य और संचार में भी नई जिम्मेदारियां
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निशा मेहता को स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। वहीं विक्रम तिमिल्सिना को संचार मंत्रालय सौंपा गया है, जिससे सूचना और तकनीक के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद है।
प्रतिभा रावल को सामान्य प्रशासन मंत्रालय की जिम्मेदारी देकर प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दिया गया है।
नई सरकार से बड़ी उम्मीदें
नई सरकार के गठन के साथ ही नेपाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बालेन साह की यह टीम आर्थिक सुधार, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और सुशासन के मोर्चे पर कितना प्रभावी काम कर पाती है।
नेपाल की मौजूदा चुनौतियों—जैसे आर्थिक अस्थिरता, बेरोजगारी और विकास की धीमी गति—को देखते हुए यह सरकार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आई है। ऐसे में बालेन साह के नेतृत्व को एक नए प्रयोग और बदलाव की राजनीति के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, बालेन साह की अगुवाई में बनी यह नई सरकार नेपाल की राजनीति में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आई है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।
नेपाल में सत्ता परिवर्तन: बालेन साह ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ


