नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश में हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए संशोधित उड़ान योजना को ₹28,840 करोड़ की बड़ी मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद देश के दूरदराज और पिछड़े इलाकों में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार होने जा रहा है।
सरकार की इस योजना के तहत 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जबकि 200 हेलिपैड्स और 441 हवाई पट्टियों का निर्माण किया जाएगा। यह कदम खास तौर पर उन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जहां अब तक हवाई सेवा या तो नहीं पहुंच पाई थी या बेहद सीमित थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह योजना न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा देगी। छोटे शहरों और कस्बों को सीधे हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे आम लोगों के लिए हवाई यात्रा पहले से ज्यादा सुलभ और किफायती हो सके।
सरकार का मानना है कि इस निवेश से क्षेत्रीय असमानता कम होगी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। खास बात यह है कि उड़ान योजना के जरिए अब आम नागरिक भी कम खर्च में हवाई यात्रा का लाभ उठा पाएंगे, जिससे “हवाई यात्रा आम आदमी तक” पहुंचाने का लक्ष्य और मजबूत होगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ₹28,840 करोड़ के इस निवेश से देश के एविएशन सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में और मजबूती से उभरेगा।
उड़ान योजना को मिली ₹28,840 करोड़ की मंजूरी, देश में 100 नए एयरपोर्ट बनेंगे


