मेरठ। वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित ऐतिहासिक त्यागी हॉस्टल पर नगर निगम की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। करीब 120 साल पुराने इस हॉस्टल को बकाया हाउस टैक्स के चलते सील कर दिया गया। हालांकि विरोध और अपील के बाद करीब 2 घंटे में हॉस्टल की सील खोल दी गई, जबकि सामने बनी दुकानों को सील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार नगर निगम ने त्यागी हॉस्टल पर करीब 20 लाख रुपये का हाउस टैक्स बकाया बताया है। आरोप है कि निगम ने हॉस्टल के साथ-साथ आगे बनी दुकानों का टैक्स भी जोड़कर एकमुश्त बकाया थोप दिया, जिससे विवाद की स्थिति बन गई।
त्यागी हॉस्टल में वर्तमान में 80 से अधिक ग्रामीण छात्र रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। अचानक हुई सीलिंग कार्रवाई से छात्रों में अफरा-तफरी मच गई और उनकी पढ़ाई प्रभावित होने लगी। स्थानीय लोगों और हॉस्टल प्रबंधन ने नगर निगम से टैक्स को अलग-अलग (डिवाइड) करने की मांग की।
मामले के बढ़ने पर अधिकारियों से वार्ता हुई, जिसके बाद प्रशासन ने फिलहाल हॉस्टल की सील खोल दी, लेकिन दुकानों पर कार्रवाई जारी रखते हुए उन्हें सील कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हॉस्टल न सिर्फ एक इमारत है, बल्कि वर्षों से ग्रामीण छात्रों के लिए शिक्षा का सहारा रहा है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए समाधान निकालना चाहिए।
अब इस मामले में नगर निगम और हॉस्टल प्रबंधन के बीच टैक्स निर्धारण को लेकर आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।


