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Tuesday, March 24, 2026

जे एस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी, जल संरक्षण व पर्यावरण जागरूकता पर जोर

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“स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम की ओर बढ़ें युवा” — प्रो. वंदना द्विवेदी

फर्रुखाबाद के बघार स्थित जे एस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, आकांक्षा समिति फर्रुखाबाद एवं संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में “स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम” थीम के अंतर्गत पर्यावरण जागरूकता एवं जल संरक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के डायरेक्टर डॉ. शैलेंद्र यादव ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। संगोष्ठी का मुख्य विषय “हाइड्रेटिंग लाइफ: इनोवेशन इन वॉटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट” रहा, जिसका उद्देश्य युवाओं को अत्यधिक स्क्रीन उपयोग से दूर कर उन्हें रचनात्मक एवं शारीरिक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना था।

जल संरक्षण और सतत विकास पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

मुख्य वक्ता के रूप में नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर लखनऊ की संस्कृत विभाग की प्रोफेसर एवं आकांक्षा समिति फर्रुखाबाद की अध्यक्ष प्रो. वंदना द्विवेदी ने भारतीय ज्ञान परंपरा में जल, जंगल, जमीन, जन और जानवर के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है और यह हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है।

उन्होंने बताया कि वैदिक काल में मानव और पर्यावरण के बीच गहरा संबंध था, जो केवल उपभोग तक सीमित नहीं था, बल्कि सहयोग और संरक्षण पर आधारित था। आज के समय में भी उस परंपरा को अपनाना आवश्यक है।

युवाओं को स्क्रीन टाइम कम कर सक्रिय जीवन अपनाने की सलाह

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में बढ़ता स्क्रीन टाइम युवाओं के स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। इसलिए युवाओं को खेल, योग, सामाजिक कार्यों और नवाचार गतिविधियों में अधिक भागीदारी करनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल से आए केंद्रीय प्रवासी छितराज न्यौपाने एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कानपुर प्रांत संगठन मंत्री मनीष ने युवाओं को सतत विकास के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

एसडीएफ प्रमुख डॉ. इंद्रेश शुक्ल ने जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने “जल, जंगल, जमीन, जानवर” के संरक्षण को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा।

पर्यावरणविद् श्रीमती गुंजा जैन ने जल एवं मृदा संरक्षण के साथ-साथ प्लास्टिक प्रदूषण से होने वाले नुकसान पर चिंता व्यक्त की।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। आकांक्षा समिति की डॉ. ज्योति गुप्ता, श्रद्धा दुबे, साक्षी गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन सफलतापूर्वक किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिवांगी यादव ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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