औरैया
सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गांव भाऊपुर के पास मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। हादसा इतना जोरदार था कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन गनीमत रही कि कार में सवार दोनों लोग सुरक्षित बच गए। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बनारस निवासी कृष्ण तुलश्यान (34) अपनी पत्नी से मिलने शिकोहाबाद जा रहे थे, जहां उनकी पत्नी एक कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनके साथ कार में चालक पप्पू आलम (52) भी मौजूद थे। दोनों कानपुर-इटावा हाईवे से होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। जैसे ही उनकी कार सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव भाऊपुर के पास पहुंची, तभी चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन पर से नियंत्रण हट गया और कार सीधे डिवाइडर से जा टकराई।
टक्कर की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और तुरंत कार में फंसे दोनों लोगों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा बेहद भयावह हो सकता था, लेकिन कार में लगे एयरबैग समय पर खुल गए और दोनों सवारों ने सीट बेल्ट भी लगा रखी थी, जिसके चलते उनकी जान बच गई। हालांकि, कार को काफी नुकसान पहुंचा है।
घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारू कराया। इस दौरान कुछ समय के लिए हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण चालक को आई झपकी प्रतीत हो रहा है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिन पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
यह घटना यह भी दर्शाती है कि वाहन चलाते समय थोड़ी सी असावधानी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बीच-बीच में आराम करना और सतर्कता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। साथ ही सीट बेल्ट का उपयोग और वाहन में सुरक्षा उपकरणों का सही होना कई बार जीवनरक्षक साबित होता है, जैसा कि इस घटना में देखने को मिला।


