– बंद प्लांट को फिर शुरू करने की तैयारी
बदायूं। सैंजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के बाद बंद पड़े कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट को दोबारा शुरू कराने की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में कंपनी के सुरक्षा सलाहकार और पूर्व डीजीपी केपी रघुवंशी अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
प्लांट परिसर में जिला प्रशासन के साथ अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें डीएम और एसएसपी भी मौजूद रहे। बैठक में प्लांट की सुरक्षा को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बताया जा रहा है कि प्लांट में नए सिरे से सुरक्षा गार्डों की तैनाती और कर्मचारियों की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।
प्लांट बंद होने से कंपनी को हर दिन करीब 13 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है, जिससे इसे जल्द चालू करने का दबाव बढ़ गया है। इस बीच योगी आदित्यनाथ की ओर से भी प्लांट को सुरक्षित माहौल में दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और कंपनी मिलकर हालात सामान्य करने में जुटे हैं।
इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली कंपनी ने 85 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इनमें मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के करीबी भी शामिल बताए जा रहे हैं। अब प्लांट में नई टीम और साफ छवि वाले कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी चल रही है।
कंपनी नए वेंडर की तलाश में भी जुट गई है, ताकि कर्मचारियों की नियुक्ति पारदर्शी तरीके से हो सके। अधिकारियों का मानना है कि प्लांट को सुचारु रूप से चलाने के लिए ऐसे लोगों की जरूरत है जिनका किसी विवाद या दबाव समूह से संबंध न हो।
जानकारी के अनुसार, यह प्लांट प्रतिदिन करीब 100 टन पराली से गैस उत्पादन करता था, जिससे हर महीने करोड़ों रुपये का कारोबार होता था। गैस के साथ-साथ बायो-वेस्ट से खाद भी तैयार होती थी, जो किसानों को बेची जाती थी। ऐसे में प्लांट का दोबारा शुरू होना न केवल कंपनी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है।


