मथुरा। एंटी करप्शन टीम ने स्वास्थ्य विभाग के दिव्यांग बोर्ड में तैनात लिपिक शशिकांत वर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए पूछताछ जारी है।
सूत्रों के अनुसार, एंटी करप्शन टीम को लंबे समय से दिव्यांग बोर्ड में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि सरकारी लाभ दिलाने और दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर पैसे की मांग की जाती थी। इन शिकायतों के आधार पर टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया।
बताया जा रहा है कि शशिकांत वर्मा एक दिव्यांग व्यक्ति से काम कराने के बदले रिश्वत ले रहा था। जैसे ही उसने पैसे स्वीकार किए, पहले से मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। इस दौरान पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से की गई, ताकि आरोपी को भनक न लग सके।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद हुई है, साथ ही कुछ दस्तावेज भी मिले हैं, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों से भ्रष्टाचार के और मामलों का खुलासा हो सकता है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। टीम यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की शिकायतों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।


