औरैया। जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि “आईटी सेक्टर” नाम के एक कथित संस्थान ने शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की 300 से अधिक महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित महिलाओं के अनुसार यह ठगी पिछले दो वर्षों से चल रही थी, लेकिन अब मामला खुलकर सामने आया है, जिससे प्रशासनिक तंत्र में भी हलचल तेज हो गई है।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि संस्थान से जुड़े लोगों ने उन्हें सरकारी और लिमिटेड पदों पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। इसके बदले अलग-अलग महिलाओं से 60 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की रकम वसूली गई। महिलाओं के अनुसार सिर्फ औरैया जिले में ही करीब 50 लाख रुपये की ठगी की गई है, जबकि फफूंद और अन्य क्षेत्रों को जोड़कर यह रकम और भी अधिक हो सकती है।
सोमवार को बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचीं, लेकिन एडीजी के प्रस्तावित दौरे के चलते उन्हें तत्काल सुनवाई नहीं मिल सकी और बाद में आने को कहा गया। इससे पहले महिलाएं संपूर्ण समाधान दिवस में भी पहुंची थीं, जहां से उन्हें कोतवाली भेजा गया था। लगातार चक्कर काटने के बावजूद कार्रवाई न होने से महिलाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
कोतवाली के बाहर बड़ी संख्या में महिलाओं के एकत्र होने की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा मौके पर पहुंचे और उन्होंने महिलाओं की समस्या सुनी। उन्होंने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही महिलाओं को शाम पांच बजे के बाद दोबारा आने को कहा गया, ताकि उनकी शिकायत दर्ज कर उचित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि वे पिछले दो साल से ठगी का शिकार हो रही हैं और अब तक उन्हें न तो नौकरी मिली और न ही उनकी जमा की गई रकम वापस की गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनकी रकम वापस दिलाई जाए।
इस घटना ने एक बार फिर बेरोजगारी और नौकरी की चाहत का फायदा उठाकर ठगी करने वाले गिरोहों की सक्रियता को उजागर किया है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए, ताकि भविष्य में कोई और इस तरह के जाल में न फंसे।


